अव्यक्त से व्यक्त की उत्पत्ति -भाग 34
अक्षर ब्रह्माण्ड का बीज है।*******************अक्षर ही प्रत्यक्ष रूप से वेदरूपी भगवान है। चेतना का स्पंदन ही ध्वनि है जो कभी...
अक्षर ब्रह्माण्ड का बीज है।*******************अक्षर ही प्रत्यक्ष रूप से वेदरूपी भगवान है। चेतना का स्पंदन ही ध्वनि है जो कभी...
मनुष्य देह मे असीमित क्षमताएं~~~~~~~~~~~~~~इस मनुष्य देह मे असीमित क्षमताएं है― मुनिवर अगस्त्य ने विन्ध्याचल को तथा उपेंद्र ने असुरराज...
गुरु ग्रह :-♀♀♀♀♀♀♀पुराणों में बृहस्पति को अंगिरा ऋषि का पुत्र कहा गया है। देवताओं के गुरु पद पर अभिसिक्त होने...
बुध ग्रह :-****************पुराणों में बुध ,चन्द्रमा का पुत्र है। भारतीय ज्योतिष मे यह सौरमंडल का सबसे छोटा ग्रह है। छोटा...
मंगल ग्रह :-+++××+++पुराणों में मंगल को पृथ्वी का पुत्र कहा है। पृथ्वी तथा मंगल ग्रह के वातावरण में काफी सामान्यतः...
‘ चन्द्रमा ‘∆∆∆∆∆पदम पुराण के अनुसार चन्द्रमा महर्षि अत्रि का पुत्र है, तथा इसका जन्म अनुसूया के गर्भ से हुआ...
आपका नक्षत्र ,राशि और वृक्ष :-##########################व्यक्ति का जन्म जिस नक्षत्र मे हो ,उस नक्षत्र का वृक्ष उसका आराध्य वृक्ष होता...
” पदार्थ बनाने की क्षमता शब्दों में होती है, न कि उनके अर्थो मे “¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢¢कमल ( ब्रह्माण्ड ) ,जल,आकाश,वायु, और...
अक्षर से यह विश्व कैसे प्रकट होता है ?~~~~~~~~~~~~~~“भूतयोन्यक्षरमित्युक्तम् ,तत्कथंभूतयोनित्वमित्युच्यते ।”अक्षर ब्रह्म भूतो ( पंच महाभूत ) की योनि है...
ग्रह :-^^^^^^^प्राचीन भारतीय ज्योतिष में ग्रहों की संख्या सात कही गई थी― १-सूर्य, २―चन्द्रमा, ३- मंगल,४―बुध, ५― गुरु, ६― शुक्र,...