भगवान के सभी अवतार भारतवर्ष में क्यों ?
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गायन्ति देवाः किल गीतकानि, धन्यास्तुये भारत भूमि भागे ।स्वर्गापवर्गस्य फलार्जनाय, भवन्ति भू यःपुरुषा सुरत्वात ।।सभी लोको की अपेक्षा पृथ्वी लोक...
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गायन्ति देवाः किल गीतकानि, धन्यास्तुये भारत भूमि भागे ।स्वर्गापवर्गस्य फलार्जनाय, भवन्ति भू यःपुरुषा सुरत्वात ।।सभी लोको की अपेक्षा पृथ्वी लोक...
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१- रजोगुणी ― माता देवकी, जो सांसारिक माया गृह मे कैद है।२- सतोगुणी― माता यशोदा, जिनके वात्सल्य मे बड़े होते...
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” ज्ञान और कर्म अलग नही है “~~~~~~~~~~~~~~~~सनकादि ऋषियों ने ज्ञान का, याज्ञवल्क्य जी ने कर्म का और दत्तात्रेय जी...
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3228― श्रीकृष्ण का अवतरण। 3139― महाभारत का युद्ध। 3102― श्रीकृष्ण को पृथ्वी छोड़ना ― कलियुग की शुरुआत 3102-2139 BC―बृहद्रथ वंश...
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पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात्पूर्णमुदच्यते ।पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते।।Purnam adah Purnam idamPurnat purnam udachyate,Purnasya Purnam adayaPurnam eva vashishyate .( Shantinath Kena Upanishad )That...
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प्रसन्नता :- ~~~~~~ संसार में भ्रमित मन ,भावना युक्त मन पहले शांत होता है, फिर एक सूत्रीय अवस्था जिसे बुद्धि...
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जीवन का उद्देश्य – धर्म, अर्थ , काम, मोक्ष है।” मोक्ष “~~~~~~~~जीवन का सर्वोपरि उद्देश्य मोक्ष है, मोक्ष का मतलब...
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शकुन / शगुन विचार :-¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥¥ज्योतिष विज्ञान के ज्ञान की कोई सीमा नहीं है। इसमें भूत भविष्य के बारे में सभी...
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कालसर्प योग कारण और निवारण★★★★★★★★★★★★★प्रकृति कुछ कहना चाहती है और उसकी भाषा ग्रह,नक्षत्र, तारों के रुप मे होती है, ग्रह...
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भारत देश का कोई भी कार्य बिना देव कल्पना के प्रारम्भ नहीं किया गया। यहां का कोई भी शास्त्र बिना...