अव्यक्त से वयक्त की उत्पत्ति – भाग 10
![]()
आइये पहले निम्नलिखित को भी समझ लेतें हैं।~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~आत्मा = 1/२ ईश्वर + 1/2 जीव का प्रारब्धज्ञान + कर्म~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ज्ञान = आत्मा...
![]()
आइये पहले निम्नलिखित को भी समझ लेतें हैं।~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~आत्मा = 1/२ ईश्वर + 1/2 जीव का प्रारब्धज्ञान + कर्म~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ज्ञान = आत्मा...
![]()
भूमिरापो नलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च।अहंकार इतीयं मे भिन्ना प्रकृतिरष्टधा ।।Bhumir, apo ,nalo ,vayuh, kham, mano buddir evacha,Ahankar itiyam...
![]()
अष्टौ प्रकृतयः ।।१।। ●●●●●●●● प्रधान प्रकृति (नाद)Totality, | महत्तत्व( बिन्दु)Point, | अहंकार (अक्षर)Value of point, | ( Memory), शब्द |...
![]()
एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्त्यग्निंयम मातरिश्र्वानमाहुः ।।एक ही सत रुप परमेश्वर का विद्वजन विभिन्न गुणों एवं स्वरुपों के आधार पर ,विविध...
![]()
ब्रह्म – शब्द शक्ति से अपने नाना रुप बना लेता है। शब्दों से – तीनों लोकों की रचना। शब्दों से-...
![]()
Ardhashtama Sani:-Saturn in the 4th house from the Moon sign is describe as Kanta Sani. Bad result such as loss...
![]()
दृश्य सृष्टि की उत्पत्ति का मूल कारण बिन्दु है। और बिन्दु से अणुरेणु , अणुरेणु से सृष्टि और सृष्टि से...
![]()
ऋग्वेद में१० वे मंडल के १२९ वे ” नासदीय सूत्र ” के २ रा सूत्र :-न मृत्युरासीदमृतं न तर्हि।न रात्र्या...
![]()
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के फल( शनि धनु राशि मे विचरण ) और आप पर प्रभाव । ######################### शनि...