अव्यक्त से व्यक्त उत्पत्ति – भाग 3
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आइये बिन्दु से ब्रह्माण्ड तक के सफर को निम्न चार्ट से समझते है।परात्पर महाब्रह्म अव्यक्त( Spirit) Non Existence|अव्यय [ स्पंदन...
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आइये बिन्दु से ब्रह्माण्ड तक के सफर को निम्न चार्ट से समझते है।परात्पर महाब्रह्म अव्यक्त( Spirit) Non Existence|अव्यय [ स्पंदन...
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प्रार्थना के कई स्तर है, प्रार्थना हमेशा ईश्वर को समझने/ महसूस करने का रास्ता है। प्रार्थना हमेशा ईश्वर के साक्षत्कार...
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एक राशि के अन्तर्गत पृथ्वी के पचास करोड़ लोग आते हैं, सही मे सोचने वाली बात है, की कैसे भिन्न...
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दीन होकर उनकी शरण मे आने से उनकी दयालुता काम करेगी। दीन वह है जो सर्वथा निराधार हो गया हो,...
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मन का कोई ग्राहक नहीं तथा मन को भी वास्तव में जगत से कुछ प्रिय नहीं लगता, इसलिये एक पदार्थ...
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परमात्मा – निर्गुण निराकार ब्रह्म|आत्मा – सगुण साकार ब्रह्म|जीवात्मा- संसारी मनुष्य, अज्ञान से आवृत्ततम+ मोह + महामोह +तामिस्र +अंधतामिस्र| |...
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” णद अव्यक्ते शब्दे “नाद शिवात्मक है , शिव शक्ति के संक्षोभ सेनाद – बिन्दु –अक्षर ― मातृकाएँ” यदक्षरं वेदविदो...
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अभाव माने कुछ न होना, अर्थात कुछ भी न होना , न ब्रह्माण्ड होना न अन्य गिलेक्सी न हम आप...
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The 7.5 years Saturn is the period of Saturn’s passage through the 12th, the 1st and the 2nd houses from...