![]()

जाने किसको क्या कहते हैं ?
*********************************
आवटंक― राजा का दिया उपनाम या पदवी
आचारज ― धर्मोपदेश करने वाले आचार्य।
उपाध्याय ― अध्याय समीप बैठके जो पढ़ने वाले।
गोत्र ― ऋषि का कुल।
प्रवर ― एक गोत्र मे जो ऋषि उत्पन्न हुए।
याज्ञिक ― यज्ञ करने और कराने वाले।
जोशी ― ज्योतिष शास्त्र को जानने वाले।
ठक्कर― ग्राम का मुख्य अधिकारी।
त्रिपाठी ― तीन वेद का पाठ करने वाला।
द्विवेदी ― दो वेद का पाठ करनेवाला।
दीक्षित ― दीक्षा देने वाले को दीक्षित कहते
पंडया― शास्त्र पढ़ें हुए तथा पढ़ाने वाले को
पुरोहित ― गाँव के गुरु को।
पाठक ― वेद शास्त्र का पारायण करने वाला
मेहता ― सरकार का काम करने पंडित।
पंचोली – पंचकुल मे मुख्य।
भट्ट ― बहुत होशियार और बहादुर ।
पौराणिक ― पुराण वाचन करनेवाला।(व्यास)
शुक्ल ― शुद्ध उपजीविका करने वाला।
रावत― राजा का गुरु (रावल )।

सर, मेरा सरनेम उपाध्याय है और मेरे पिताजी ने मुझे बताया है कि मेरा गोत्र ‘च्यवन’ है। लेकिन, मेरे चाचा के परिवार को लेकर थोड़ी उलझन पैदा हो गई है, क्योंकि वे अपने गोत्र के रूप में ‘बड़ चौहान’ का इस्तेमाल करते हैं। क्या आप इन गोत्रों के बारे में कुछ जानकारी दे सकते हैं?